डिजिटल तकनीकी के मदद से ग्रामीणों में विकास की एक पहल

डिजिटल तकनीकी के मदद से ग्रामीणों में विकास की एक पहल
हमें डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में परिणत करना होगा, मेरा ऐसा मानना है की ग्रामीणों को बेहतर रोज़गार का प्रावधान मिले और भारत में बने चीज़ों को ज्यादा से ज्यादा मात्रा में लोग इस्तेमाल करें तभी हम सब मिलकर बेरोज़गारी से ऊपर आएँगे और अपनी अर्थव्यवस्था को सही रूप दे पाएंगे। अगर सरकार स्टार्टअप कंपनी की मदद करती है की ग्रामीणों तक पहुँच कर उन्हें RURAL to URBAN आने में मदद करे और उनकी भी चीजों को एक्सपोज़ करे ताकि लोग उसके बारे में समझ सकते है की उनके द्वारा भी किया गया मेहनत का मूल्य है , तो निश्चित रूप से उन्हें भी विश्वास होगा और पूरी दृढ़ता से काम करेंगे।बहुत बार हमे उन किसानों तक पहुंचने में मदद नहीं मिलती है, जिसकी वजह से उनके द्वारा किया गया मेहनत को लोगो के सामने उनका मूल्य नहीं होता है। जैसा की आप देख सकते है हमारे देश से सबसे जाय्दा मात्रा में EXPORT होती फल, सब्ज़ियाँ, मसाले और ड्राई फ्रूट जबकि हमारे ही देशों में बहुत बार अच्छी गुणवत्ता की फल हो या सब्ज़ियाँ हो हमें उपलब्ध नहीं हो पाती है और हमारे किसानों से बहुत ही कम मूल्य से खीरदकर काफी ज़्यादा फायदा में  हम EXPORT कर देते है। जिससे उनको मूल्य रूप से जो कीमत मिलनी चाहिए वो नहीं मिल पाती है , अगर हम सब और सरकार मिलकर अगर उन्हें ये जानकारी दे सकते है की किस चीज़ों का मूल्य कितना होगा तो ये जानकारी उन्हें आगे बढ़ाने में उनको काफी मदद मिलेगा। जैसा की हम DIGITAL की बात कर रहे है इन सेवाएं के तहत अगर हम सब मिलकर किसी भी MOBILE APP के जरिए अगर उनकी चीज़ों का सही मूल्य की जानकारी दे सकते है तो ये उनके लिए काफी मददगार साबित होगा, और उन्हें भी चीज़ों की लेन देन में और भी कई तरह की जानकर मिनटों में मिल सकती है । इन अवसरों में पारंपरिक कौशल के साथ-साथ एक नए कौशल भी शामिल होंगे DIGITAL के तहत ग्रामीण उद्यमों को शुरू करने और मदद करने के लिए गाँवों में गरीबी और बेरोज़गारी को कम करने के साथ ग्रामीण आबादी को विकसित करने में भी मदद मिलेगा। अगर सरकार और उच्च स्तर के लोग इस पे पूर्ण रूप से अगर ध्यान देते है तो ग्रामीण ग़रीबों को उद्यमों को स्थापित करने और उद्यमों को स्थिर करने में सहायता प्रदान होगी और गरीबी से बाहर आने में भी उन्हें मदद मिलेगा।   

अराधना कुमारी 
( समाज सेविका एवं प्रवक्ता )

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